करेला :02 ☘️☘️

 करेला🥀 : 02

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🎈करेले से जुड़ी कहावतें

▪️करेले से जुड़ी एक कहावत है, 'एक तो करेला, दूसरा नीम चढ़ा'।

इसका मतलब है कि पहले से ही दोष होने पर दूसरा दोष भी आ मिलना। इस कहावत का इस्तेमाल किसी ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है, जो किसी काम के लिए अच्छा न हो, लेकिन उसमें अकड़ ज़्यादा हो।

▪️चैते गुड़, बैशाखे तेल, जेठ महुआ, आषाढ़े बेर। सावन दुदुआ, भादो दही, क्वांर करेला, कार्तिक माही, घाघ भड्डरी सांची कही मर है ना तो पर है सही।

चैत में गुड़, बैशाख में तेल, जेठ में महुआ तथा आषाढ़ में बेर खाने वाला, सावन में दूध पीने वाला, भादो में दही, क्वांर में करेला एवं कार्तिक में मट्ठा खाने वाला शीघ्र मर जाता है। यदि मरे नहीं तो भयंकर बीमार पड़ जाता है। 

लोक कहावतों में इस बात का भी वर्णन किया गया है कि हमें किस मौसम में किस प्रकार का भोजन करना चाहिए और किस प्रकार का भोजन नहीं करना चाहिए। यह भी उल्लेख है कि किस मौसम में कितनी बार भोजन करना चाहिए, जिससे हमारा शरीर स्वस्थ और निरोग बना रहे।

▪️सावन मास करेला फूला, नानी देख नवासा भूला।

पक्षधर के भरोसे पर प्रबलता दिखाने वाले के संबंध में कहते हैं। नानी नवासे को बहुत प्यार करती है इसी लिए कोरी तुकबंदी के तौर पर भी कहते हैं।

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(कहावतें आम तौर पर स्थानीय या सार्वभौमिक सत्य और सिद्धांतों पर आधारित होती हैं। कहावतें छोटी और सारगर्भित होती हैं और एक सामान्य सत्य या सलाह को व्यक्त करती हैं। वहीं, मुहावरे वाक्यांश या शब्दों का समूह होते हैं जिनका मतलब अपने अलग-अलग घटकों के शाब्दिक अर्थ से अलग होता है।)

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