▪️दुनिया में औरत :19
अगवा करके लड़कियों से बलात्कार और और ब्याह करने का रिवाज़ दुनिया के एक बड़े हिस्से से मिलता है। कुछ जगहों पर यह प्रथा अतीत बन चुकी है सिर्फ़ उसके क़िस्से बचे हैं तो कुछ अन्य जगहों पर कानून बनाकर प्रतिबंधित की गई है। कहीं-कहीं आज भी इसके बेधड़क जारी रहने की सूचना है। जीती-जागती औरतों को जिंस में तब्दील कर देने की मनोवृति आदिम काल से से ही मानव समाज में गहरे पैठी हुई है। इस प्रथा के क्षेत्रीय विस्तार से ही इस बात का अनुमान लगाया जा सकता है कि हमारे कथित रूप से सभ्य मानव समाज को सभ्यता के पायदानों को चढ़ने में कितनी मशक़्क़त करनी पड़ी है। वह कितना सभ्य हो सका यह विमर्श का अलग मुद्दा है।
फ़िलहाल उन जगहों के नाम गिना देते हैं जहाँ यह प्रथा प्रचलन में रही है।
▪️अफ्रीका में इथियोपिया , केन्या , रवांडा, दक्षिणी-अफ्रीका से इसके प्रचलन के साक्ष्य हैं।
▪️ मध्य-एशिया में किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान आदि में इसका प्रचलन है।
▪️पूर्वी और दक्षिणी एशिया में इंडोनेशिया , होमांग संस्कृति, चीन , जापान और पाकिस्तान शामिल हैं।
▪️अमेरिका से ब्राजील , यूएसए , मेक्सिको और चिली के नाम मिलते हैं।
▪️काकेसिया क्षेत्र में दागिस्तान , चेचन्या , अज़रबैजान और जॉर्जिया का नाम लिया जा सकता है।
▪️यूरोप में रोमानी समुदाय के बीच इसका प्रचलन रहा है।
इसके अलावा भूमध्य सागर क्षेत्र , इटली , आयरलैंड , माल्टा और साल्व जनजातियों में भी इस विवाह प्रथा का रिवाज़ रहा है। भारत के प्राचीन साहित्य में वर्णित अप्रशस्त विवाह प्रकार का उल्लेख यहाँ प्रासंगिक है। अप्रशस्त विवाह के चार प्रकार बताए गए हैं। आर्ष , गन्धर्व , राक्षस और पैशाच । इनमें आर्ष विवाह में कन्या का क्रय किया जाता था। गन्धर्व प्रेम विवाह था। राक्षस में कन्या का अपहरण किया जाता था और पैशाच विवाह में अचेतन अवस्था में कन्या के साथ बलात्कार का उल्लेख है। यद्यपि धर्मशास्त्र इनकी निन्दा करते हैं , समाज में इनके प्रचलन के अनेक सन्दर्भ मिलते हैं।
______________नीलिमा
#womenaroundtheworld
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तस्वीर : पेंटिग : 1637-38 / निकोलस पॉसिन/ मिथकांकन

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