▪️दुनिया में औरत : 10

 शायरों की दुनिया से क़िस्सों का इंतिख़ाब कोई आसान बात नहीं है। फ़िर फ़िराक़ साहब के क़िस्से तो अलहदा हुआ करते हैं। बहरहाल इस क़िस्से में अभिनेत्री नादिरा भी हैं और इस्मत आपा भी। इसलिये स्त्रियों की शृंखला में शामिल कर लिया। क़िस्सा कुछ यूँ है :

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फ़िराक़ अलमस्त आदमी थे। शराब के रसिया। पी लेते तो उसकी लाज रखते हुए बहक भी जाते। ऐसा ही एक क़िस्सा मुंबई के गलियारों में भटकता है। मशहूर अभिनेत्री नादिरा के घर फ़िराक़ साहब का डेरा था उन दिनों। एक दिन वो सुबह से ही अंगूर की बेटी के मुंह लग गए। दोपहर होते-होते ज़ुबान पर से काबू छूटने लगा। गालियां निकलने लगीं। नादिरा परेशान हो गईं। जब फ़िराक़ साहब को संभालना उनके बस का न रहा तो उन्होंने इस्मत चुग़ताई को बुलावा भेजा। जैसे ही इस्मत वहां पहुंचीं, फ़िराक़ संभल गए। इस्मत से उर्दू साहित्य पर बातचीत करने लगे। नादिरा हक्का-बक्का थीं। चिढ़ कर बोलीं,

“फ़िराक़ साहब, वो गालियां क्या ख़ास मेरे लिए थीं?”

फ़िराक़ साहब ने मासूमियत से जवाब दिया,

“अब तुम समझ गई होगी गालियों को कविता में कैसे बदलते हैं। ”

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क़िस्से के तीनों किरदार अब हमारे बीच नहीं हैं।


_______________नीलिमा

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