▪️दुनिया में औरत : 09

 ख़ूबसूरत दिखने की लालसा अदम्य और आदिम है। मेंतवाई  द्वीप समूह (सुमात्रा , इंडोनेशिया) की स्त्रियों में भी यह बराबर मौजूद है। मेंतवाईयों का विश्वास है कि नुकीले और पैने दातों वाली स्त्रियों के प्रति पुरुष विशेष आकर्षित होते हैं। इसलिए पुरुष की नज़र को बांधने के लिए यह स्त्रियां कृत्रिम तरीकों से अपने दांत नुकीले करवाती है। 


ज़ाहिर है एनामेल की यह तोड़-फोड़ ठीक-ठाक पीड़ादायक होती है। लेकिन हासिल होने वाली सुंदरता की क़ीमतम पर दर्द वाजिब है। दांतो को तराशने के काम में हथौड़ी और छेनी की मदद ली जाती है। बेहद आदिम तौर तरीकों से संपन्न होने वाले इस कृत्य में किसी दर्द निरोधक इस्तेमाल नहीं किया जाता है। कच्चे केले या लकड़ी के टुकड़े में दांत गड़ा कर दर्द को कम करने की कोशिश की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में ओझा की महत्वपूर्ण भूमिका है।

इस पीड़ादाई प्रक्रिया से गुज़रने के बाद आँसुआई आंखों से शीशे में खुद को निहारती स्त्री की मुस्कुराहट में छलक जाने वाला आत्मविश्वास ही उसकी थाती है ।

ख़ूबसूरती का अपना दर्प है जो स्त्री को यह विश्वास दिलाता है अब उसका पति किसी अन्य स्त्री के आकर्षण में नहीं बंधेगा । 

 परम्परा से इस द्वीप समूह के लोग मानते हैं आत्मा और शरीर दोनों का स्वतंत्र वजूद है। अगर शरीर आकर्षक और ख़ूबसूरत न हुआ तो आत्मा उसे छोड़ कर जा सकती है। इसलिए आत्मा को शरीर में बनाए रखने के लिए तमाम जतन किए जाते हैं। शरीर पर गोदना करवाना और दांतो के पैनेपन से हासिल की गई सुंदरता इनमें प्रमुख है।


__________________नीलिमा

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