किताबें जो पढ़ी गईं : टेढ़ी लकित

 लम्बे अर्से बाद कोई उपन्यास पढ़ा। आमतौर पर कथेतर साहित्य ही पढ़ना होता है अब। 'टेड़ी लकीर' इस्मत चुगताई का चर्चित उपन्यास है। इसके बारे में अक्सर कहा जाता है कि ये उनकी व्यक्तिगत जिंदगी का दस्तावेज़ है। उपन्यास के केंद्रीय चरित्र शममन के व्यक्तित्व में जो बेबाकी और हौसला दिखाया गया है सम्भव है उसकी वजह से यह राय बनी हो। इस्मत चुगताई की जो साख साहित्य की दुनिया में है , जिन वजहों से है , वह सब इस उपन्यास में मौजूद हैं। अगर आप उनके लिखे को पसन्द करते हैं तो जरूर पढ़िए। मैंने कथ्य की जानकारी के लिए पढ़ा। दूसरे इसी उनवान से मंटो की एक कहानी भी है। उपन्यास (इस्मत) और कहानी (मंटो) के नाम मे साम्य को लेकर भी मुझे उत्सुकता थी। बहरहाल पढ़ने के बाद मुझे नहीं लगता कि ये इस्मत चुगताई की आत्मकथा है। ज्यादा से ज्यादा इसे उनके जीवनानुभवों का सार माना सकता है , जो साहित्य के दृष्टिगत स्वाभाविक भी है । आत्मकथा में रुचि हो तो 'कागजी है पैरहन' ही पढ़ना चाहिए। वही असल आत्मकथा है। 'टेड़ी लकीर' और 'कागजी है पैरहन' दोनों ही भाषा के पैनेपन और उर्दू को मांजने में भी मदद करते है।


____________नीलिमा

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