बनारस 22

तीर्थ यात्रा करने की प्रथा का सर्वप्रथम उल्लेख विष्णुस्मृति (तीसरी शताब्दी ईसा) में मिलता है I इसके बाद लगभग सभी पुराणकारों ने इसका उल्लेख किया है I पुराणों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ तीर्थ स्थलों की संख्या भी बढती रही I जिन स्थानों को तीर्थ घोषित किया गया उनमें चौरास्ते, नदियों के घाट, नदी तट, जंगलों में स्थित ऋषि-मुनिओं के आश्रम, पर्वत घाटियाँ, महत्वपूर्ण नगर इत्यादि सम्मिलित हैं I किसी स्थान विशेष को कभी किसी देवता ने तीर्थ घोषित किया या फिर किसी देवभक्त ने I इस तरह एक नई पुराण विधा या मिथक शास्त्र की रचना हुई I तीर्थों के बढ़ने के साथ-साथ उनसे जुड़े मिथक गढ़े जाते रहे I धीमे-धीमे तीर्थ के साथ धार्मिक भावनायें जुड़ती गयीं I तीर्थ स्थलों पर दान-पुण्य करने का खूब प्रचार हुआ और उसे धार्मिक महत्व का जामा पहनाया गया I मिथक को किसी अनुष्ठान या कर्मकांड विशेष का वैचारिक आधार कहा गया I इसके पीछे उद्देश्य अनुष्ठान या कर्मकाण्ड को धार्मिक आधार देना था I तीर्थ की यात्रा और वहाँ सम्पन्न होने वाले कर्मकांड में सहायक ब्राह्मणों को दान आदि देकर सन्तुष्ट करना तीर्थ स्थलों से जुड़ा हुआ अनुष्ठान माना गया I इस प्रथा को दृढ़ वैचारिक आधार प्रदान करने के लिए कई पौराणिक कथायें गढ़ी गयीं जिन्हें सुन-सुनकर भोली-भाली और धर्मपरायण जनता तीर्थ यात्रा और वहाँ किये जाने वाले दानपुण्य की तरफ़ आकृष्ट होती रही | तीर्थयात्रियों के लिए जो दानपुण्य सम्बंधित कार्य निर्धारित किये गए उनमें श्राद्ध, पिंडदान, व्रत, होम, जप और तप प्रमुख हैं | इन कर्मों में सबसे अधिक फलदायक और बारबार किये जाने वाले कर्म श्राद्ध और पिंडदान माने गए | मृत्यु से इन्हें अभिन्नता के साथ जोड़ा गया | साथ ही ये भी प्रचारित किया गया कि ये सारे कर्म आदि किसी तीर्थस्थल पर सम्पन्न किये जाएँ तो इनका फल अवश्य मिलेगा | विष्णुस्मृति में ये भी कहा गया है की पवित्र नदियों के तट पर संपन्न किया गया श्राद्ध कर्म अक्षय पुण्य लेकर आता है | पवित्र नदियों की सूची में भारत की सभी महत्वपूर्ण नदियाँ सम्मिलित हैं | नदियों के साथ ही उनके तट पर बसे अधिकांश प्रसिद्ध नगर भी श्राद्ध कर्म के योग्य स्थानों की सूची में आ गए | जिन प्राचीन नगरों का विष्णुस्मृति में उल्लेख किया गया है उनमें बनारस, गया, प्रयाग, अयोध्या, द्वारिका, विदिशा और पश्चिमी तटवर्ती सोपारा प्रमुख हैं। तस्वीर:साभार #नज़रभरबनारस #Banaras ______________नीलिमा

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