भीमबेटका 09

🔹09 रंग प्रकृति से अभिन्न हैं।पहले-पहल हम प्रकृति के माध्यम से ही रंगों से परिचित होते हैं। गुफा चित्रकला के अध्ययन से यह स्प्ष्ट होता है कि रंग मानव जीवन में दस हजार बरस पहले दस्तक दे चुके थे। इनके चुनाव और इस्तेमाल से हम आदिमानव के जीवन के अनेक संदर्भों से परिचित होने के साथ ही हम उसके सौंदर्य बोध से भी वाकिफ होते हैं। भीमबेटका में चित्रांकन में गेरुए रंग का इस्तेमाल सर्वाधिक मिलता है। गेरुए रंग के बाद दूसरे क्रम पर सफ़ेद रंग का इस्तेमाल मिलता है। हरे रंग का इस्तेमाल कम दिखता है।पीले रंग का इस्तेमाल बहुत कम किया गया है।रंगों का इस्तेमाल और संयोजन चित्रों के माध्यम से देखा-समझा जा सकता है। तस्वीर:नीलिमा #भीमबेटका
©नीलिमा



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