बनारस09
जेम्स प्रिन्सेप :
थुक्का-फजीहत में हम अग्रणी समाज हैं I मुगलों-अंग्रेजों को कोसते ही रहते हैं I लेकिन जब पढने-लिखने, दस्तावेज़ ख्न्गालनें बैठो तो हमारे पूर्वाग्रहों पर चोट पड़ती है और तमाम गिरहें खुलती जाती हैं I हालाकिं ऐसा हो इसके लिए जरूरी है की हमारे भीतर थोड़ी- बहुत तार्किकता,संवेदना और एथिक्क्स बची हो I बहरहाल हम जेम्स प्रिंसप से मुख़ातिब हैं I इतिहास पढने-लिखने वाले लोग उनके नाम से वाकिफ हैं I
प्रिंसेप बहुआयामी व्यक्तित्व के स्वामी थे I कोलोनियल पीरियड में वह टकसाल अधिकारी की हैसियत से हिन्दुस्तान आये I पहले-पहल इस भूमिका का निर्वहन उन्होंने कोलकाता में किया उसके बाद बनारस चले आए I सन १८२०-३० के बीच वह बनारस रहे I इन दस वर्षों में उन्होंने ऐसे बहुत से काम किये जो आज इतिहास और बनारस दोनों की धरोहर हैं I
बनारस में प्रिंसप के द्वारा करवाए गए कार्यों की सूची लम्बी है I सर्वाधिक रेखांकित किये जाने वाले कार्यों में बनारस शहर का नक्शा बनवाना और वहां की जनगणना हैं I शहर का मानचित्र प्रिंसप ने १८२२ में तैयार करवाया I साथ ही शहर की जनगणना सम्पन्न हुई I जनगणना में मन्दिरों, मस्जिदों और मकानों की संख्या क्रमशः १४५४, २७२ और ३०,२०५ निकल कर आई I शहर की कुल जनसंख्या 1,81,482 थी I इसके अलावा मिन्ट हाउस (टकसाल), नदेसर हाउस , सेंट मेरी चर्च, शाही नाला, कर्मनाशा का पुल और विश्वेश्वर बजार भी प्रिंसेप ने बनवाये I
प्रशासन से इतर प्रिन्सेप की अभिरुचि कला और साहित्य में भी थी I उन्होंने साहित्य सम्बन्धी गतिविधियों के लिए ‘बनारस लिटररी सोसाइटी’ की स्थापना की I व्यक्तिगत रूप से वह चित्र कला में रूचि और दक्षता रखते थे जिसका प्रमाण ‘बनारस इलस्ट्रेटेड’ है I यह मुख्य रूप से गंगा के घाटों का चित्रांकन है जिसमें कुल ३५-३६ प्लेट्स हैं Iपहली बार ये १८३१ में सत्रह प्लेट्स के साथ प्रकाशित हुई ।
बाद में सन १८३३ में ०९ प्लेट्स का सिक्वेल पुनः प्रकाशित हुआ I इस इलस्ट्रेशन में मन्दिर,मस्जिद,नाचने वाली लडकियाँ (nautch girls)हेरिटेज फैमिली होम्स ,संगीतकार और गंगा के किनारे का जनजीवन और ख़ुद गंगा सब उपस्थित हैं I प्रत्येक रेखांकन से जुड़ा हुआ किस्सा उसको विस्तार देते हुए ख़ास बनाता है I इसके अलवा भी हिन्दुस्तान में रहते हुए प्रिन्सेप ने बहुत कुछ किया पर यहाँ बनारस से इतर कोई बात नहीं I ख़ास बात ये है कि कुदरत ने उन्हें सिर्फ़ ४० बरस की जिंदगी बख्शी I
________________नीलिमा
©neelima

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