बनारस05

शहर बनारस की तमाम बातों के साथ वहाँ की ठगी और लंतरानी भी मशहूर है।अस्सी को लेकर एक किस्सा बहुचर्चित है। किस्सा कुछ इस तरह से किस्सागोई में सुना सुनाया जाता है । बाप बेटे की कहानी है। दोनों के दिन गुरबत में कट रहे थे। एक दिन उन दोनों ने आपस में लड़ लिया। बाता-बाती होने लगी, अस्सी पर या पूरे बनारस में लड़ाई ऐसे ही होती है, बातों के वीर शब्दभेदी बाण चलाते हैं। कहते कहते बेटे ने कहा, चाहीं त सगरो अस्सी खरीद लीं। यह बहुत बड़ा क्लेम था। अस्सी को खरीदने की हिमाकत अम्बानी, कुबेर, अडानी या इनसे लोन लेकर लक्ष्मीजी कर लें तो कर लें, बाकियों के लिए असंभव है। झगड़ा देखने वालों को लगा, बेटा जंग जीत गया। लेकिन बाप तो बाप होते हैं, पिता ने कहा, हम बेचबे न करब त ते ख़रीदबे कइसे। (चन्दन पांडेय की वाल पर पढ़ा किस्सा) तस्वीर: अस्सी घाट से,ए. बी. पटेल ने उतारी है।

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