रामकथा और हम -12

काकविन रामायण के दृश्य:
इंडोनेशिया मे नियमित रामलीला मंचन होता है। वहां रामायण सातवीं शताब्दी में पहुँची।  अगर उसी समय से वहाँ  रामलीला मंचन हो रहा है तो यह भारत में   रामलीला के  मंचन से प्राचीन ठहरता है। भारत में  रामलीला तुलसीदास के बाद ही खेली जाने लगी। इसका  विधिवत मंचन तो मुगल बादशाह  बहादुरशाह जफ़र ने शुरू करवाया ।

इंडोनेशिया में रामायण स्कूली शिक्षा का हिस्सा है।
इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो के समय में पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल इंडोनेशिया पहुंचा तो उन्हें मुस्लिम देश मे रामायण मंचन देखकर हैरानी हुई।
सुकर्णो ने उन्हें बताया कि इस्लाम हमारा धर्म है और रामायण हमारी संस्कृति।

इंडोनेशिया के लोग ये मानते हैं कि बेहतर इंसान बनने के लिए रामायण पढ़नी चाहिए। वे कई पीढ़ियों से निरंतर ऐसा कर रहे हैं।

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